छत्तीसगढ़ संस्कृति को संरक्षित और प्रोत्साहित करने के लिए माटी पूजन का कार्यक्रम महत्वपूर्ण : डॉ सिंह

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छत्तीसगढ़ संस्कृति को संरक्षित और प्रोत्साहित करने के लिए माटी पूजन का कार्यक्रम महत्वपूर्ण : डॉ सिंह

 छत्तीसगढ़ संस्कृति को संरक्षित और प्रोत्साहित करने के लिए माटी पूजन का कार्यक्रम महत्वपूर्ण : डॉ सिंह

राजेन्द्र प्रजापति

मुंगेली । मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल की मंशा एवं कलेक्टर डाॅ. गौरव कुमार सिंह के निर्देश पर आज अक्षय तृतीया (अक्ती) को जिले के सभी गौठानों एवं पंचायतों में माटी पूजन दिवस के रूप में मनाया गया। कलेक्टर डाॅ. सिंह एवं छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मण्डल के सदस्य एवं जिला पंचायत सदस्य  अम्बालिका साहू और जिला पंचायत सदस्य  जागेश्वरी वर्मा ने जिले के विकासखण्ड पथरिया के ग्राम पीपरलोड के आदर्श गौठान में आयोजित माटी पूजन दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर माटी की पूजा की गई।  पथरिया अनुविभाग के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व  प्रिया गोयल ने मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल का अक्ती त्यौहार के महत्व के संबंध में उपलब्ध संदेश को आम लोगों को पढ़ कर सुनाया। कलेक्टर डाॅ सिंह ने लोगों को अपनी बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज हम अपनी संस्कृति को भूलते जा रहे हैं लेकिन मुख्यमंत्री श्री बघेल की सोच हमेशा छत्तीसगढ़ की संस्कृति को सहेजने और प्रोत्साहित करने की होती है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति को संरक्षित और प्रोत्साहित करने तथा मिट्टी के महत्व को समझने के लिए माटी पूजन जैसे कार्यक्रम का आयोजन महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि आज का दिन सभी कार्यों के लिए शुभ माना जाता है। इस दिन आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के लिए किसी वेद पुराण को देखना नहीें पड़ता है। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों से होने वाले हानि को देखते हुए किसान अब धीरे-धीरे जैविक उर्वरक की ओर बढ़ रहे है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने माटी पूजन के माध्यम से मिट्टी की उर्वरक क्षमता को बनाए रखने का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के आह्वान पर बोरे-बासी खाने का महत्व भारत में ही नहीं बल्कि विश्व में प्रसिद्धि हासिल की है। इस अवसर पर उन्होने लोगों को भावी पीढ़ी के लिए साफ पानी, शुद्ध हवा और उपजाऊ मिट्टी बचाने की शपथ दिलाई। 

 कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मण्डल के सदस्य एवं जिला पंचायत सदस्य  अम्बालिका साहू ने सम्बोधित किया और उन्होंने शुभ कार्यों और उन्नत खेती किसानी के लिए अक्ती त्यौहार के महत्व को रेखांकित किया। जिला पंचायत सदस्य  जागेश्वरी वर्मा ने लोगों को अक्ती पर्व की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि अक्ती के दिन किसानों द्वारा खेतों में खरीफ फसल हेतु बोनी का कार्य औपचारिक रूप से प्रारंभ किया जाता है। उन्होंने कहा कि कहा कि मुख्यमंत्री श्री बघेल की मंशा के अनुरूप अक्षय तृतीया के दिन आयोजित माटी पूजन त्यौहार अन्नदाताओं का त्यौहार है। इस त्यौहार को पहले हम अपने घरों पर ही मनाते थे। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इस त्यौहार को शासन-प्रशासन स्तर पर आयोजित छत्तीसगढ़़ की मान को बढ़ाया है। जिला पंचायत के मुख्य कार्य पालन अधिकारी  डी.एस राजपूत ने आगन्तुको के प्रति अभार प्रदर्शन किया। इस अवसर पर जनपद पंचायत के मुख्य कार्य पालन अधिकारी  नारायण बंजारा, ग्राम के सरपंच  फुलेश्वरी मरकाम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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